22 सितम्बर: जिला उद्योग केंद्र मंडी की ओर से एमएसएमई प्रदर्शन संवर्धन एवं तीव्रता कार्यक्रम (रैम्प) के अंतर्गत मंगलवार को भांबला में मार्केटिंग, डिजिटल साक्षरता एवं वित्तीय प्रबंधन विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 70 उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाई संचालकों ने भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सरकारी योजनाओं, डिजिटल सेवाओं, आधुनिक विपणन माध्यमों और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाना रहा, ताकि उद्यमी अपने व्यवसाय का विस्तार करने के साथ नए बाजारों से जुड़ सकें।
कार्यशाला में विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं, ऑनलाइन पंजीकरण, निविदा प्रक्रिया, डिजिटल सेवाओं, आधुनिक मार्केटिंग तकनीकों और वित्तीय प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके अलावा रैम्प कार्यक्रम के तहत उपलब्ध सुविधाओं, वित्तीय सहायता, क्षमता संवर्धन और व्यवसाय विस्तार के अवसरों की भी जानकारी प्रदान की गई।
विशेषज्ञों ने उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक विपणन तकनीकों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों, सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन बाजार प्लेटफॉर्म का उचित उपयोग करके एमएसएमई इकाइयां अपनी कार्यक्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के साथ नए बाजारों तक पहुंच बना सकती हैं।
इस दौरान प्रतिभागियों की विभिन्न शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। उन्हें सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यशाला में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से आर.आर. पटियाल, प्रसार अधिकारी (उद्योग) सरकाघाट अक्षय शर्मा, एफपीओ गोपालपुर से के.के. ठाकुर तथा एफपीओ धर्मपुर से सतपाल चौहान सहित जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।