29 अगस्त: श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से राज्य स्तरीय संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन त्रिगर्त संस्कृत महाविद्यालय, चामुंडा, जिला कांगड़ा में किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी तथा त्रिगर्त संस्कृत महाविद्यालय चामुंडा के प्रधानाचार्य हरीश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में संस्कृत भाषा की महत्ता और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। इस दौरान काशी हिंदू विश्वविद्यालय, बनारस के सहायक आचार्य डॉ. रामेश्वर शर्मा ने ‘वर्तमान के संदर्भ में संस्कृत की वैज्ञानिकता एवं प्रासंगिकता’ विषय पर व्याख्यान दिया।
समारोह के दौरान प्रदेश के करीब 15 संस्कृत महाविद्यालयों से लगभग 100 प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में राजकीय संस्कृत महाविद्यालय तुगेश, शिमला की गुंजन ने प्रथम स्थान हासिल किया। सनातन धर्म आदर्श संस्कृत महाविद्यालय दोहगी, ऊना की अनुराधा दूसरे और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर, कांगड़ा की कोमल शर्मा तीसरे स्थान पर रहीं। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय चंबा की सुहानी को सांत्वना पुरस्कार मिला।
संस्कृत भाषण प्रतियोगिता में गोरक्षक राजकीय संस्कृत महाविद्यालय नाहन, सिरमौर के ऋषभ ने पहला, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बलाहर, कांगड़ा के आशीष चौहान ने दूसरा और त्रिगर्त संस्कृत महाविद्यालय चामुंडा के नीरज ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। राजकीय महाविद्यालय सुंदरनगर, मंडी की योगिता और राजकीय संस्कृत महाविद्यालय चंबा की नेहा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सचिन, संस्कृत महाविद्यालय तुगेश, शिमला; अपेक्षा, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय सुंदरनगर, मंडी और सुहानी, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय दोहगी, ऊना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नेहा, राजकीय महाविद्यालय चंबा और तमन्ना, राजकीय महाविद्यालय दोहगी, ऊना ने दूसरा, जबकि सानिया, राजकीय महाविद्यालय सुंदरनगर, मंडी और खुशी, संस्कृत महाविद्यालय चकमोह, हमीरपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया।
अनुवाद लेखन प्रतियोगिता में राजकीय संस्कृत महाविद्यालय तुगेश, शिमला की स्नेहा वर्मा ने प्रथम, आदर्श संस्कृत महाविद्यालय जांगला, रोहड़ू, शिमला की काजल गालटा ने द्वितीय और केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला, कांगड़ा की मनीषा गोस्वामी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संस्कृत महाविद्यालय चामुंडा, कांगड़ा के देवांश को सांत्वना पुरस्कार मिला।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के करीब 30 संस्कृत कवियों ने भाग लिया। समारोह के दौरान राज्य अभिलेखागार की ओर से ऐतिहासिक एवं दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। वहीं, हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें हिमाचल के इतिहास, कला, संस्कृति और विरासत से संबंधित पुस्तकें साहित्यप्रेमियों के लिए उपलब्ध रहीं।