1 सितंबर: शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में समाज एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश के संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड एवं पुरोहिताई के डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार किया गया। इससे विद्यार्थियों को पारंपरिक धार्मिक विधियों से संबंधित व्यवस्थित शिक्षा एवं प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने की दिशा में पहल हो सकेगी।
बैठक में बेसहारा गौवंश के संरक्षण को लेकर भी जानकारी दी गई। प्रदेश के 222 गौ सदनों एवं गौ अभयारण्यों में 23,018 गौवंश को आश्रय दिया गया है। इसके अलावा सात निर्माणाधीन गौ सदनों एवं गौ अभयारण्यों के पूरा होने पर 2,200 से 2,500 बेसहारा गौवंश को अतिरिक्त आश्रय मिल सकेगा।
गौ सेवा आयोग द्वारा बेसहारा गौवंश के पालन-पोषण के लिए 1,200 रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह सहायता दी जा रही है। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है।
बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवाइयां और जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 484, 170 और 91 प्रकार की दवाइयां तथा 134, 48 और 28 प्रकार की उपभोग्य वस्तुएं अधिसूचित की गई हैं।
स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति के लिए 573 प्रकार की दवाइयां एवं उपभोग्य वस्तुएं राज्य दर संविदा के तहत तथा 866 प्रकार की दवाइयां एवं उपभोग्य वस्तुएं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
इसके अलावा मंडी जिला के त्रिवेणी धाम, रिवालसर की क्षतिग्रस्त एवं असुरक्षित चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है।