21 जुलाई: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार को फतेहपुर में नागरिकों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और छात्रों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एसडीएम फतेहपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों पर राष्ट्रपति से त्वरित हस्तक्षेप और उचित कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान स्थानीय नागरिकों और छात्रों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपना समर्थन भी जताया।
डॉ. अशोक सोमल गौतम ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब देना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी बात राष्ट्रपति तक पहुंचाना है।
साहित्यकार पंकज दर्शी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग के लिए युवाओं का आगे आना लोकतंत्र की सकारात्मक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने छात्रों के साथ शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर चर्चा भी की।
छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि मेहनत के बावजूद परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते रहेंगे तो युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने लोकतांत्रिक मूल्यों और शिक्षा में पारदर्शिता के समर्थन में एकजुटता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति से ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।