21 जुलाई: अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला और श्री मणिमहेश यात्रा को देखते हुए चंबा जिला प्रशासन ने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में आयोजित जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (एनसीओआरडी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने नशे की रोकथाम को लेकर चल रही गतिविधियों की समीक्षा की।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिले के सभी होटल, होम-स्टे, गेस्ट हाउस और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अनिवार्य पंजीकरण किया जाए, ताकि उनकी पहचान सत्यापित हो सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
उन्होंने विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों के आसपास उग रहे भांग के पौधों को जल्द हटाने के निर्देश भी दिए। वहीं, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के अधिकारियों को संवेदनशील रूटों पर चलने वाली बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा गया, ताकि नशा तस्करी पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि एनडीपीएस मामलों में संलिप्त पांच सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है और सभी मामलों की जांच व न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि जिले में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 55 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 16.892 किलोग्राम चरस, 2.169 किलोग्राम पोस्त और 507.61 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। इसके अलावा 216.9 ग्राम सोना, 479 ग्राम चांदी, दो आईफोन और 64,640 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने अब तक 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बैठक में उपनिदेशक कृषि भूपेंद्र सिंह, जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनीता शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी मंजुल ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. करण हितैषी, सहायक अभियंता गौरव कुमार, ओएसडी शिक्षा उमाकांत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।