19 अगस्त: जिला स्तरीय समीक्षा एवं बैंक सलाहकार समिति की बैठक हमीर भवन में एडीसी अभिषेक गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंकों की प्रगति और निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा की गई।
एडीसी अभिषेक गर्ग ने बैंक अधिकारियों को आम लोगों को विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ दिलाने में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऋण योजनाओं से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने से जहां आम जनता को आर्थिक मदद मिलेगी, वहीं जिले के ऋण-जमा अनुपात में भी सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जिले में 335.54 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए, जो पूरे वर्ष के 2062.90 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य का 18.61 प्रतिशत है। इस अवधि में जिले का ऋण-जमा अनुपात करीब 24 प्रतिशत रहा, जिसे बेहतर करने की आवश्यकता है।
अभिषेक गर्ग ने बैंकों को ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर लोगों को ऋण योजनाओं की जानकारी देने और पात्र लोगों को उनका लाभ उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों की रिपोर्ट नियमित रूप से अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय को भेजी जाए और अगली बैठक में इसकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार की डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना सहित अन्य सब्सिडी योजनाओं से जुड़े ऋणों की मंजूरी में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कृषि, पशुपालन, एमएसएमई, स्वयं सहायता समूह, सोलर प्लांट, शिक्षा ऋण और आवास ऋण जैसे क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने पर भी जोर दिया।
एडीसी ने बताया कि जिले में अब तक 47,435 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या 51,559 है। उन्होंने शेष पात्र किसानों को भी प्राथमिकता के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि वे आसानी से बैंक ऋण प्राप्त कर सकें।
बैठक में एनआरएलएम, एनयूएलएम, पीएम स्वनिधि, पीएमईजीपी, एससीएसटी निगम, स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, अटल पेंशन योजना सहित सामाजिक सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
इस दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक धर्मेंद्र स्याल ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। भारतीय रिजर्व बैंक के शिमला कार्यालय के एलडीओ तरुण चौधरी ने बैंकिंग संबंधी दिशा-निर्देशों से अवगत करवाया। पीएनबी आरसेटी के निदेशक अजय कतना और नाबार्ड के डीडीएम नरेश कुमार ने भी अपने-अपने संस्थानों की उपलब्धियां साझा कीं।
एडीसी ने बताया कि मट्टनसिद्ध स्थित पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर में 18 से 50 वर्ष तक के लोगों को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए किसी शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से इस सुविधा का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।