19 अगस्त: परवाणू और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार दोपहर बाद करीब दो घंटे हुई तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन, जलभराव और सड़कें बाधित होने की स्थिति सामने आई। औद्योगिक क्षेत्र में बारिश का पानी घुसने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई गई है।
एनएच-5 पर चक्की मोड़ के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर दोनों ओर का यातायात रोक-रोककर संचालित किया गया। मौके पर तैनात कर्मियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी, ताकि पत्थर गिरने के दौरान किसी तरह की दुर्घटना न हो।
कोटी के पास पहाड़ी से मलबा गिरने से रेल ट्रैक भी बाधित हो गया। इसके चलते शिमला से आने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। रेलवे की ओर से ट्रैक से मलबा हटाने का काम जारी रखा गया, ताकि प्रभावित ट्रेनों की आवाजाही बहाल की जा सके।
भारी बारिश के कारण ओल्ड कसौली रोड, पट्टा बेजा और खड़ीन मार्ग भी कुछ समय के लिए बंद हो गए। लोक निर्माण विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से इन मार्गों को खोलने में जुटी रहीं। ओल्ड कसौली रोड के सेक्टर-5 में टकसाल एंबुलेंस मार्ग का कच्चा हिस्सा बहकर सड़क पर आ गया, जिससे सेक्टर-4 की ओर जाने वाला रास्ता भी कुछ समय के लिए बाधित रहा।
ओल्ड कसौली रोड पर फाटक के पास जलभराव के कारण सड़क किनारे खड़े वाहन पानी में फंसे नजर आए। वहीं, टकसाल के नाले में तेज बहाव के चलते सड़क किनारे लगा डंगा गिर गया और एक कैंटर नाले की ओर फंस गया। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
तेज बारिश का पानी परवाणू बस अड्डे की कई दुकानों में भी घुस गया, जिससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा। हिमफैड के बॉटलिंग प्लांट में पानी घुसने से पैकेजिंग सामग्री और मशीनरी को नुकसान पहुंचा। प्लांट मैनेजर अशोक सहगल के अनुसार शुरुआती आकलन में करीब 20 से 25 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है।
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि टकसाल क्षेत्र में नाले के तेज बहाव के कारण कुछ बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ शिव कुमार ने बताया कि बारिश से बाधित मार्गों को खोलने के लिए विभाग की टीमें और जेसीबी मशीनें मौके पर तैनात हैं।