24 सितंबर: अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती की अध्यक्षता में बुधवार को डीआरडीए सभागार मंडी में जिला स्तरीय समीक्षा समिति, जिला सलाहकार समिति तथा आरसेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के दौरान बैंकों की प्रगति, वार्षिक ऋण योजना, आरसेटी, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न बैंकिंग एवं ऋण योजनाओं की समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वित्तीय समावेशन सरकार की प्राथमिकता है और बैंकों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने ग्राम सभाओं में नियमित रूप से वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल लेन-देन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी मिल सके।
उन्होंने बैंकों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लंबित मामलों की जानकारी संबंधित लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने और लंबित मामलों के कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए, ताकि स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण सुविधा मिल सके।
बैठक में डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि 12 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों के पात्र विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए इस योजना का लाभ ले सकते हैं। पात्र विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। योजना के तहत प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पात्र संस्थान में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी लाभ उठा सकते हैं।
बैठक में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान और किसान क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि आरसेटी के तहत पहली तिमाही में चार बैचों में 105 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं पहली तिमाही में 36,702 किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए हैं। 30 जून तक जिले में कुल 1,03,355 किसान क्रेडिट कार्डधारक हैं। किसान क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ाने के लिए बैंक अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने और सभी पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
लीड बैंक मैनेजर चंद्र प्रकाश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना के तहत 30 जून 2026 तक पहली तिमाही में 5,440.45 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 1,789.93 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। इस तरह कुल 32.90 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में 4,450.14 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 1,332.22 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर 29.94 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। कृषि क्षेत्र में 2,391.69 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 549.39 करोड़ रुपये यानी 22.97 प्रतिशत, जबकि एमएसएमई क्षेत्र में 1,503.32 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 750.54 करोड़ रुपये यानी 49.93 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।
अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में 555.13 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 32.29 करोड़ रुपये यानी 5.82 प्रतिशत उपलब्धि रही। वहीं गैर-प्राथमिकता क्षेत्र में 990.31 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 457.71 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर 46.22 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई।
बैठक में पीएनबी के सीजीएम गौतम कुमार, नाबार्ड के डीडीएम राकेश वर्मा, जिले के सभी बैंकों के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आरबीआई के प्रतिनिधि तरुण चौधरी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।