15 जून : लंबित वित्तीय देनदारियों और समय पर वेतन न मिलने से नाराज हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को सरकाघाट कार्यशाला में आयोजित गेट मीटिंग में चालक, परिचालक और तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और 25 जून से काम छोड़ो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
बैठक को संबोधित करते हुए चालक यूनियन के प्रांतीय प्रधान मान सिंह ठाकुर और परिचालक यूनियन के प्रधान प्रीत महिंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी वित्तीय मांगें अब भी लंबित हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 के संशोधित वेतनमान का एरियर, 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता, छह वर्षों का ओवरटाइम और नाइट अलाउंस अभी तक कर्मचारियों को नहीं मिला है, जिससे वे आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और निगम प्रबंधन की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उनका कहना था कि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में एचआरटीसी कर्मचारियों की अहम भूमिका है, इसके बावजूद उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
गेट मीटिंग में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार और निगम प्रबंधन को 24 जून तक का समय दिया गया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 25 जून से प्रदेशभर में काम छोड़ो आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में चालक यूनियन, परिचालक यूनियन और तकनीकी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।