राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अटल टनल का किया दौरा, हिमालयी संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से भी हुईं रूबरू

8 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश के तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समुद्र तल से 10 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल का दौरा किया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं। अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल पहुंचने पर राष्ट्रपति का स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान मंत्री राजेश धर्माणी, सांसद कंगना रनौत, लाहुल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, उपायुक्त किरण भड़ाना, जिला प्रशासन तथा सेना के अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री राजेश धर्माणी ने राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अटल टनल की इंजीनियरिंग और निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं में रुचि लेते हुए इसके तकनीकी पक्षों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने टनल के आसपास के हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद लिया। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने अटल टनल को विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इस टनल से लाहुल-स्पीति देश के अन्य हिस्सों के और करीब आया है। उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल ने मनाली वन विश्रामगृह में पौधारोपण भी किया।

मनाली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति ने हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनों का भी स्वाद लिया। उनके लिए कुल्लू के पारंपरिक व्यंजन सिड्डू, कोदरा और कुल्लवी धाम विशेष रूप से तैयार की गई। धाम में गुच्छी का मदरा विशेष आकर्षण रहा, जबकि भोजन के बाद बाथू की खीर परोसी गई।

बुधवार शाम करीब 4:30 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी बेटी के साथ मनाली मालरोड की सैर पर निकलीं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने कुछ समय मालरोड पर बिताया और पर्यटन गतिविधियों का जायजा लिया। राष्ट्रपति को अपने बीच देखकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने उनका अभिवादन किया, जिसका राष्ट्रपति ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर जवाब दिया। इस दौरान राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, लेडी गवर्नर, सांसद कंगना रनौत, विधायक भुवनेश्वर गौड़, उपायुक्त डॉ. अमित शर्मा और पुलिस अधीक्षक कुल्लू अभिषेक भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति ने मनाली स्थित ऐतिहासिक मां हिडिंबा मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उनके साथ उनकी बेटी भी मौजूद रहीं। मंदिर पहुंचने पर राष्ट्रपति और उनकी बेटी का पारंपरिक रीति-रिवाज से स्वागत किया गया। पुजारियों ने उन्हें मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व और यहां की परंपराओं की जानकारी दी। राष्ट्रपति ने मां हिडिंबा के समक्ष शीश नवाकर पूजा-अर्चना की और हिमाचल की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हुईं।

राष्ट्रपति की बेटी इतिश्री मुर्मू ने भी अपने मनाली प्रवास के दौरान नग्गर स्थित निकोलाई रौरिक आर्ट गैलरी का भ्रमण किया। उन्होंने निकोलाई रौरिक की हिमालय से जुड़ी चित्रकृतियों और अन्य कलाकृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने रौरिक परिवार के ऐतिहासिक निवास, हेरिटेज म्यूजियम, पुरानी विंटेज कार और संरक्षित ऐतिहासिक सामग्री को भी देखा तथा फोटोग्राफी की।

राष्ट्रपति के तीन दिवसीय मनाली दौरे के चलते शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। इसका असर पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ मार्गों पर आवाजाही नियंत्रित की गई, जिससे मनाली पहुंचे कई पर्यटक सोलंगनाला और अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों तक नहीं पहुंच पाए। बर्फबारी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों का आनंद लेने पहुंचे पर्यटकों को सुरक्षा व्यवस्था के चलते अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।

इसी दौरान लाहुल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के समक्ष क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने नौतोड़ भूमि बहाली का मुद्दा प्रमुखता से रखते हुए केंद्र सरकार से सिफारिश करने तथा राज्य स्तर पर आवश्यक पहल का आग्रह किया। इसके अलावा विधायक ने कोकसर चिनाब डायवर्जन परियोजना को लेकर भी अपनी चिंताएं राष्ट्रपति और राज्यपाल के समक्ष रखीं।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *