2 मई: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के 17वें दीक्षांत समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवा वैज्ञानिकों से शोध कार्यों को किसानों के हित में उपयोग करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि शोध और नवाचार के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे कृषि उत्पादकता और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने दीक्षांत समारोह को विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों और स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई दी। साथ ही कहा कि अब विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का उपयोग समाज, राज्य और देश के विकास में करना चाहिए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हिमाचल प्रदेश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, ऐसे में कृषि अनुसंधान और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे अपने शोध को प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखें, बल्कि उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाएं, ताकि इसका सीधा लाभ किसानों को मिल सके।