10 जून , रवि दत्त भारद्वाज: राजगढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में एक दिलचस्प राजनीतिक समीकरण सामने आया है। सात वार्डों वाली नगर पंचायत में कांग्रेस समर्थित पांच सदस्य निर्वाचित हुए थे, जबकि भाजपा समर्थित केवल दो सदस्य चुनाव जीतकर पहुंचे थे। इसके बावजूद अध्यक्ष पद कांग्रेस और उपाध्यक्ष पद भाजपा समर्थित उम्मीदवार के खाते में जाने से क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नगर पंचायत कार्यालय राजगढ़ में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस समर्थित विक्रम सिंह जेलदार तथा उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित नरेंद्र ठाकुर ने नामांकन दाखिल किया। दोनों पदों के लिए एक-एक नामांकन प्राप्त होने के चलते उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
चुनाव परिणाम घोषित होते ही नगर पंचायत परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर और नारेबाजी कर नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का स्वागत किया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष विक्रम सिंह जेलदार ने कहा कि वे सभी पार्षदों और नगर पंचायत क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनहित से जुड़े विकास कार्य उनकी प्राथमिकता रहेंगे तथा सभी को साथ लेकर नगर पंचायत के समग्र विकास के लिए कार्य किया जाएगा।
वहीं नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि जनता और पार्षदों द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
इस चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस उपाध्यक्ष पद हासिल नहीं कर सकी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम स्थानीय स्तर पर उभर रहे नए राजनीतिक समीकरणों और रणनीतिक तालमेल की ओर संकेत करता है।
जिला कांग्रेस कमेटी सिरमौर के अध्यक्ष आनंद परमार ने अध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के निर्वाचित होने को जनता के विश्वास की जीत बताते हुए कहा कि कांग्रेस जनसेवा और विकास के एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि इस परिणाम के पीछे क्षेत्र के दो प्रमुख परिवारों—जेलदार परिवार और ठाकुर परिवार—के बीच बेहतर तालमेल की भूमिका रही है। दोनों परिवारों का नगर पंचायत के इतिहास और विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
गौरतलब है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष विक्रम सिंह जेलदार के पिता स्वर्गीय सुरत सिंह जेलदार नगर पंचायत के उपाध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर के ताऊ स्वर्गीय कृष्ण ठाकुर नगर पंचायत अध्यक्ष के पद पर कार्य कर चुके थे। अब दोनों परिवारों की नई पीढ़ी नगर पंचायत के शीर्ष नेतृत्व में पहुंची है।
निर्वाचन के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ ऐतिहासिक शिरगुल देवता मंदिर पहुंचे और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा विकास के लिए आशीर्वाद लिया।
राजगढ़ नगर पंचायत के चुनाव परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि स्थानीय राजनीति में केवल संख्या बल ही नहीं, बल्कि आपसी तालमेल और राजनीतिक रणनीति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।