3 अगस्त तरसेम जरयाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ संकल्प अभियान के शुभारंभ के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा प्रयास भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवियों और प्राध्यापकों ने भाग लेकर नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसएस गीत के साथ हुआ। मुख्य अतिथि तरसेम जरयाल का पुष्पगुच्छ, एनएसएस कैप एवं बैज पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमित कटोच और प्रो. राधेश्याम को भी एनएसएस कैप एवं बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. निशेश कतवाल और डॉ. दीपिका ठाकुर वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमित कटोच ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधक बनता है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, कौशल विकास, नवाचार और सामाजिक सेवा में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की पहचान उनकी प्रतिभा और क्षमता से होनी चाहिए, न कि नशे से।
मुख्य अतिथि तरसेम जरयाल ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है। विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है, जब देश का युवा शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त हो। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
प्रातः 11 बजे विद्यार्थियों और एनएसएस स्वयंसेवियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रव्यापी वर्चुअल संबोधन सुना। प्रधानमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या व्यक्ति के साथ-साथ परिवार, समाज और देश के भविष्य को प्रभावित करती है। अभियान के तहत आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को खेल, कला, संगीत, सांस्कृतिक और जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद विद्यार्थियों और स्वयंसेवियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन ई-प्लेज के माध्यम से नशामुक्ति की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशीले पदार्थों से दूर रहेंगे, दूसरों को भी नशे के प्रति जागरूक करेंगे और अपने परिवार एवं समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। विद्यार्थियों को माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण कर अभियान से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, माइम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों में नशे के कारण परिवारों पर पड़ने वाले प्रभाव और युवाओं के भविष्य को होने वाले नुकसान को दर्शाते हुए समाज को नशे के खिलाफ मजबूत संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवियों का अनुशासन, नेतृत्व और सेवा भावना विशेष रूप से देखने को मिली। महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के छात्र पदाधिकारी मोहित कल्याण, इपशिता, श्यामली, गौरव, राहुल और अजय ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने, समाज में जागरूकता फैलाने और विकसित भारत के निर्माण में जिम्मेदार नागरिक के रूप में योगदान देने का संकल्प दोहराया।