30 जुलाई: महिलाओं को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने मंडी के राज्य प्रशिक्षण केंद्र, ढांगसीधार में एक दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में काउंसलर्स, चिकित्सा विशेषज्ञों, वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और संरक्षण अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों और कानून द्वारा उपलब्ध सुरक्षा उपायों की जानकारी होना आवश्यक है। यदि किसी महिला के अधिकारों का हनन होता है या उसे समान अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो वह संबंधित विभाग, पुलिस, न्यायालय या राज्य महिला आयोग से सहायता प्राप्त कर सकती है।
उन्होंने बताया कि राज्य महिला आयोग महिलाओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करवाता है। आयोग पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क परामर्श उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग भी प्रदान करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग में शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को महिलाओं के पुलिस संबंधी अधिकार, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित कानून, भरण-पोषण के अधिकार तथा महिला सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही वन स्टॉप सेंटरों की भूमिका और संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जिला कल्याण अधिकारी अजय बदरेल ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली और सेवाओं की जानकारी दी। डॉ. राजीव कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा के साथ मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर बल देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में पीड़ित महिलाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार आवश्यक है। वहीं विधि अधिकारी यशपाल शर्मा ने महिला संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी साझा की।
डीएसपी (मुख्यालय) दिनेश कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, महिला हेल्पलाइन सेवाओं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं से किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अपराध की स्थिति में बिना झिझक पुलिस से संपर्क करने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव बुशरा अंसारी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस प्रशिक्षण में मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों के वन स्टॉप सेंटरों के कर्मचारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य रीना पुंडीर, सरोज शर्मा, रीना द्रोच तथा महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।