1 अक्तूबर : उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के आरएएमपी कार्यक्रम के तहत ‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास के माध्यम से सामाजिक समावेशन’ पहल के अंतर्गत बगला, मंडी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों के लिए हितधारक सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में मंडी, कुल्लू, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति जिलों के SC-ST वर्ग से जुड़े उद्यमियों के अलावा विभिन्न विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य उद्यमियों को साझा मंच उपलब्ध करवाना और उनके व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं, जरूरतों तथा संभावित समाधानों पर संबंधित हितधारकों के साथ चर्चा करना रहा।
इस दौरान उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाओं, बाजार से जुड़ाव, व्यवसाय विकास और क्षमता निर्माण से संबंधित अवसरों की जानकारी दी गई। वित्तीय संस्थानों, सरकारी विभागों और MSME से जुड़े संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उद्यमियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सवालों का समाधान किया।
जिला उद्योग केंद्र मंडी की महाप्रबंधक नेहा चौहान ने बताया कि सम्मेलन में SC-ST वर्ग के उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और सहायता का अधिक प्रभावी लाभ पहुंचाने के साथ उन्हें वित्त, बाजार और अन्य व्यावसायिक अवसरों से बेहतर तरीके से जोड़ने पर विशेष चर्चा की गई।
सम्मेलन में जिला कल्याण अधिकारी समीर, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के प्रबंधक कमल जीत, यूको बैंक के सहायक महाप्रबंधक एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति प्रभारी दीपक कुमार, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम मंडी के मुख्य प्रबंधक लोकेश भाटिया, भारतीय खाद्य निगम मंडी के प्रबंधक नरेश कुमार, जिला उद्योग केंद्र कुल्लू की प्रबंधक परवीन लता और जिला उद्योग केंद्र मंडी के उद्योग विस्तार अधिकारी दिलीप कुमार मौजूद रहे।