5 जून: जिला मंडी में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान पनीर के कई सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। विभाग द्वारा अप्रैल माह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पनीर के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद 6 सैंपल फेल पाए गए हैं। इसके बाद संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने सुंदरनगर, जोगिंदरनगर, पनारसा, बागशायड, नगवाई और पधर क्षेत्रों से विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 22 सैंपल एकत्र किए थे। इन नमूनों को जांच के लिए कंडाघाट स्थित कम्पोजिट टेस्टिंग लैब भेजा गया था। करीब डेढ़ माह बाद प्राप्त रिपोर्ट में पनीर के छह नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं पाए गए।
जांच में सामने आया कि संबंधित पनीर में निर्धारित मात्रा में मिल्क फैट मौजूद नहीं था। विभाग के अनुसार पनीर में अन्य प्रकार के फैट की मिलावट के कारण इसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई, जिसके चलते नमूने फेल घोषित किए गए।
इसके अलावा जांच के दौरान शहद, एप्पल जूस और सेब के सिरके के तीन नमूने मिसब्रांडेड पाए गए हैं। विभाग का कहना है कि इन उत्पादों के लेबल पर उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इस संबंध में संबंधित कंपनियों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त एल.डी. ठाकुर ने बताया कि सभी मामलों में खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी खाद्य उत्पाद खरीदते समय गुणवत्ता और लेबल संबंधी जानकारी की जांच करने की अपील की है।