22 जुलाई: प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद उपमंडलीय प्रशासन ने 22 और 23 जुलाई तथा आगामी आदेशों तक मणिमहेश यात्रा मार्ग पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
एसडीएम भरमौर अजय कुमार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, यात्रा मार्ग पर जाने वाले लोगों को रोका जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या गाइड आदेशों की अनदेखी कर श्रद्धालुओं या पर्यटकों को इस मार्ग पर लेकर जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायत कुगती और हड़सर के प्रतिनिधियों को भी पर्यटकों को यात्रा न करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर कंदला नाला में अचानक जलस्तर बढ़ने से चांजू से चंबा जा रही एक बस मलबे में फंस गई। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से करीब आधे घंटे बाद बस को भी सुरक्षित निकाल लिया गया।
वहीं लाहुल घाटी में जाहलमा नाले ने एक बार फिर उग्र रूप धारण कर लिया। नाले का जलस्तर बढ़ने से वैकल्पिक मार्ग बह गया, जिसके बाद लोगों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से लोहे की शीट बिछाकर रास्ता बनाया गया। इससे क्षेत्र के किसानों और सब्जी उत्पादकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
उधर कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में लगातार बारिश के कारण मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर घर्टीगढ़ के पास भूस्खलन होने से सड़क करीब तीन घंटे तक बंद रही और यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।
बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कुल्लू और लाहुल-स्पीति में बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से 149 वितरण ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिससे दोनों जिलों के 400 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।