4 अगस्त : लघु एवं महिला उद्यमियों को आधुनिक मार्केटिंग तकनीकों, बिजनेस प्लानिंग और बाजार की जरूरतों से परिचित करवाने के उद्देश्य से उद्योग विभाग की ओर से रैम्प प्रोजेक्ट के तहत बिझड़ी में कार्यशाला का आयोजन किया गया। बीडीओ कार्यालय परिसर स्थित बीडीसी हॉल में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता बीडीओ राजेश कुमार ने की।
कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के डॉ. अमित कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में उद्यमियों को डिजिटल मार्केटिंग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, ऑनलाइन ब्रांड निर्माण, ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और डिजिटल माध्यमों से कारोबार का विस्तार करने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने उद्यमियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर पंजीकरण, उत्पादों की सूची तैयार करने, सरकारी विभागों को वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति तथा उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों के बारे में भी जानकारी दी। डॉ. अमित कुमार ने कहा कि डिजिटल युग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सरकारी ई-मार्केटप्लेस छोटे उद्यमियों और ग्रामीण उत्पादकों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डिजिटल तकनीक को अपनाकर स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाया जा सकता है और स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
बीडीओ राजेश कुमार ने कार्यशाला के आयोजन के लिए उद्योग विभाग और रैम्प प्रोजेक्ट के अधिकारियों की सराहना करते हुए उद्यमियों से आधुनिक मार्केटिंग तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपने उत्पादों और विपणन रणनीतियों में बदलाव करना आज के समय में बेहद जरूरी है।
इस दौरान रैम्प प्रोजेक्ट के वरिष्ठ प्रबंधक अश्वनी शर्मा, उद्योग प्रसार अधिकारी मनदीप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने भी उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम में एनआरएलएम के मिशन प्रबंधक शुभम कुमार, रैम्प प्रोजेक्ट के प्रबंधक नवीन कुमार, एग्जीक्यूटिव विनय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्यमी उपस्थित रहे।