2 जुलाई: बुधवार को रोहड़ू के बडियारा-जांगला सड़क मार्ग पर हुए भूस्खलन ने प्रशासन और संबंधित विभागों की मानसून तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरकने से भारी चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आकर एक गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय सड़क से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद घायल गाय को स्थानीय गौसदन में उपचार के लिए पहुंचाया गया। वहीं, स्थानीय लोगों में प्रशासन की तैयारियों को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि उस समय सड़क पर कोई स्कूल बस, बाइक सवार, बागवान या राहगीर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
यह घटना इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि मानसून का मुख्य दौर अभी शुरू नहीं हुआ है। जुलाई और अगस्त में होने वाली भारी बारिश से पहले ही पहाड़ों का इस तरह दरकना आने वाले दिनों में संभावित खतरे की ओर इशारा कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन तैयारियों के बड़े-बड़े दावे तो कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग नजर आ रहे हैं।
उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को मलबा हटाने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मानसून की तैयारियों को लेकर सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक भी आयोजित की गई है और प्रशासन किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।