26 अक्तूबर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पांगी घाटी में प्राकृतिक खेती से उत्पादित सेबों के लिए ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड लॉन्च किया। इस पहल से पांगी के सेबों को अपनी अलग पहचान मिलेगी और स्थानीय बागवानों को अपने उत्पादों का बेहतर विपणन करने में मदद मिलेगी। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांगी प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल है। यहां लगभग 370 हेक्टेयर भूमि पर सेब के 1,04,000 से अधिक पौधे हैं। चालू सीजन में घाटी में करीब 550 मीट्रिक टन सेब उत्पादन होने की उम्मीद है, जो लगभग 35 हजार पेटियों के बराबर है।
उन्होंने कहा कि पहले पांगी घाटी के सेबों को कुल्लू एप्पल या किन्नौर एप्पल के नाम से बाजार में बेचा जाता था। अब ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड के माध्यम से इन सेबों को अपनी विशिष्ट पहचान मिलेगी। इसके लिए 10 और 20 किलोग्राम क्षमता वाले कार्टन बागवानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इससे सेबों की पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने की यह पहल पांगी को रसायन-मुक्त उपमंडल बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी। इससे क्षेत्र के लगभग 6,300 कृषक परिवारों की आजीविका को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और इस दूरदराज जनजातीय क्षेत्र में रोजगार एवं आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे।
‘पांगी एप्पल’ ब्रांड की शुरुआत से घाटी के बागवानों को अपने उत्पादों की अलग पहचान स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ाने और पांगी के सेबों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।