मंडी के बाढू गांव में चार दोस्तों ने खड़ा किया उद्योग, 70 लोगों को मिला रोजगार; सरकार से मिला 84 लाख का अनुदान

26 अक्तूबर: मंडी जिला की चच्योट तहसील के बाढू गांव में स्थापित हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड ग्रामीण स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरी है। चार दोस्तों की पहल से शुरू हुई इस इकाई में आज 70 लोगों को रोजगार मिल रहा है। यहां स्थानीय फलों और सब्जियों से अचार, चटनी, जैम, फ्रूट वाइन, फ्रूट साइडर और एप्पल साइडर विनेगर सहित 50 से अधिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। कंपनी को एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वर्ष 2024 में 84 लाख रुपये का अनुदान भी मिला है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक खीरामणी ने बताया कि वह पहले निजी क्षेत्र में नौकरी करते थे। इसी दौरान उन्होंने अपने तीन साथियों भागीरथ चौहान, रविंद्र और इल्मदीन अली के साथ मिलकर गांव में ही उद्योग स्थापित करने का विचार किया। उनका उद्देश्य स्थानीय लोगों को घर के नजदीक रोजगार उपलब्ध करवाना था, ताकि उन्हें नौकरी के लिए दूसरे क्षेत्रों में पलायन न करना पड़े। इसी सोच के साथ हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई।

कंपनी में जनवरी 2023 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ। वर्तमान में यहां 50 से अधिक किस्मों के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फलों एवं सब्जियों का प्रसंस्करण कर तैयार किए जाने वाले इन उत्पादों को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इससे स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के साथ उनके मूल्य संवर्धन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

खीरामणी ने बताया कि कंपनी के विस्तार और संचालन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई थी। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वर्ष 2024 में कंपनी को 84 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई। इस सहायता से इकाई के विकास और उत्पादन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं स्थानीय उद्यमियों को अपने कारोबार का विस्तार करने के अवसर प्रदान कर रही हैं।

कंपनी के उत्पादों की मांग हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में भी है। दूसरे राज्यों में उत्पादों की आपूर्ति से कारोबार का दायरा बढ़ा है। कंपनी का उद्देश्य स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों का प्रसंस्करण कर उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध करवाना है, जिससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।

इकाई की शुरुआत में 24 कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि वर्तमान में 70 लोग यहां रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 40 कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ आर्थिक सुरक्षा और अपने कौशल को बेहतर बनाने के अवसर मिल रहे हैं।

ग्राम पंचायत बाढू की प्रधान सीता ठाकुर ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में प्रसंस्करण इकाई की स्थापना बड़ी उपलब्धि है। इससे लोगों को घर के समीप रोजगार मिल रहा है और उनकी आजीविका को मजबूती मिल रही है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।

कंपनी में कार्यरत कुटाहची निवासी जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि घर के नजदीक रोजगार मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई है। यहां काम करते हुए अपने कौशल को बेहतर बनाने का अवसर भी मिल रहा है। वहीं, चच्योट निवासी गुंजन शर्मा ने भी स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने पर खुशी जताई और कंपनी प्रबंधन एवं प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।

किलिंग निवासी कमल शर्मा ने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए अक्सर दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता है, लेकिन इस इकाई में काम मिलने से उन्हें घर के नजदीक ही रोजगार उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में मददगार हैं।

हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड स्थानीय संसाधनों के उपयोग, कृषि एवं बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण और रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में योगदान दे रही है। सरकारी सहायता और स्थानीय उद्यमियों की पहल से स्थापित यह इकाई क्षेत्र के लोगों के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का एक उदाहरण बन रही है।

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