24 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश के राजगढ़ विकास खंड के अंतर्गत आने वाले पबियाना गांव में आयुष विभाग द्वारा एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर भारत सरकार के Ministry of AYUSH के सहयोग से राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
शिविर का संचालन उपमंडलीय आयुष कार्यालय राजगढ़ की टीम द्वारा किया गया, जिसकी अगुवाई उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका सूद ने की। उन्होंने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद, योग और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है तथा घर-द्वार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी रसोई में मौजूद मसाले भी आयुर्वेदिक औषधियों के रूप में उपयोगी होते हैं, लेकिन इसकी जानकारी लोगों को कम होती है।
शिविर में लगभग 255 लोगों ने भाग लेकर निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया। इस दौरान लोगों के रक्तचाप, मधुमेह और हीमोग्लोबिन की मुफ्त जांच की गई और जरूरतमंद मरीजों को परामर्श व उपचार भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन संस्कार का आयोजन भी किया गया, जिसमें दो दर्जन से अधिक बच्चों ने भाग लिया। इसके साथ ही योग शिविर में विशेषज्ञों ने लोगों को योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करवाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में स्थानीय औषधीय पौधों के गुणों और उनके उपयोग की जानकारी दी गई। आयुष विशेषज्ञों ने मर्म चिकित्सा, कपिंग और अग्निकर्म जैसी पारंपरिक पद्धतियों का प्रदर्शन भी किया, जिसे लोगों ने काफी रुचि के साथ देखा।
इस अवसर पर लोगों को निःशुल्क औषधीय पौधे भी वितरित किए गए, ताकि वे घर पर ही प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाकर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें। आयुष विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है और लोगों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ने की प्रेरणा मिली है।