3 अक्तूबर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के एंटी-चिट्टा अभियान के तहत नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस जिला नूरपुर ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। एनडीपीएस अधिनियम के तहत फ्रीज की गई संपत्तियों के कब्जे और प्रबंधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस जिला नूरपुर के अनुसार, बलविंदर बिल्ला से संबंधित एनडीपीएस मामले में पुलिस थाना डमटाल द्वारा 11 अगस्त, 2026 को संबंधित संपत्तियों को फ्रीज किया गया था। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने 9 सितंबर, 2026 को करीब 3.32 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि की थी। इनमें आलीशान कोठी सहित अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
फ्रीज की गई संपत्तियों में ‘क्वालिटी’ होटल एवं रेस्तरां और 8 दुकानें भी शामिल हैं, जो मुहाल टोकी, एनएच-44 के समीप, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा में स्थित हैं। पुलिस के अनुसार, यह संपत्ति बलविंदर बिल्ला की पत्नी उर्मिला देवी के नाम दर्ज है।
पुलिस जिला नूरपुर ने बहुमंजिला होटल और 8 दुकानों के संबंध में थाना प्रभारी डमटाल को प्रशासक नियुक्त करने का अनुरोध सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया था। अनुरोध पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68जी के तहत थाना प्रभारी डमटाल को उक्त संपत्ति का कब्जा लेने और उसका प्रबंधन करने के लिए अधिकृत किया है।
संपत्ति का कब्जा एवं प्रबंधन एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68टी तथा संबंधित नियमों के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। संपत्ति से होने वाली आय और उससे संबंधित वित्तीय लेन-देन भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत निगरानी में रहेंगे। खातों तथा आय-व्यय का नियमानुसार निरीक्षण किया जाएगा और बड़े वित्तीय व्यय के लिए आवश्यक पूर्व अनुमति की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
पुलिस जिला नूरपुर के अनुसार, यह कार्रवाई नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कानूनी एवं वित्तीय नियंत्रण को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत उपलब्ध वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।