नशा तस्करों पर सख्ती, कांगड़ा में 26 अवैध कब्जे चिन्हित; ध्वस्त करने के निर्देश

1 अगस्त: जिला कांगड़ा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को एनआईसी सभागार धर्मशाला में एनकॉर्ड की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की। बैठक में नशा तस्करी पर रोक लगाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त ने नशा प्रभावित क्षेत्रों में गठित नशा निवारण समितियों को सक्रिय करने और चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ओपिआॅयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) सेवाओं का विस्तार करने और नशा मुक्ति उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। जेलों में बंद नशे से जुड़े आरोपियों की नियमित काउंसलिंग, उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

उपायुक्त ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में नशा तस्करों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस के प्रावधानों और वित्तीय जांच को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिले में नशा तस्करों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के 26 मामले चिन्हित किए गए हैं। संबंधित विभागों को इन मामलों में कार्रवाई जल्द पूरी करने और अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी एसडीएम को स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए अधिकारी नियमित रूप से शिक्षण संस्थानों का दौरा करेंगे। स्कूलों में प्रहरी क्लबों को सक्रिय करने के साथ-साथ नियमित कार्यशालाएं और परामर्श सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने कहा कि नशे से जुड़े मामलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को प्रभावी बनाया जाना जरूरी है, ताकि सप्लाई चेन तक पहुंचकर तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी नशे की तस्करी या इससे जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिले की पंचायतों में नशा मुक्ति संबंधी जागरूकता होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों, अस्पतालों और नगर निकायों की एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी नशा मुक्ति अभियान के संदेशों का प्रचार किया जाएगा।

बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने जिले में नशे की रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे अभियानों और पुलिस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। उपायुक्त ने सभी विभागों से अपनी गतिविधियों का नियमित दस्तावेजीकरण करने और सामूहिक प्रयासों से नशा मुक्त कांगड़ा अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।

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