19 जून : हृदय रोगियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाला एक महत्वपूर्ण इंजेक्शन जांच में नकली पाए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश औषधि प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए कालाअंब स्थित एक फार्मा कंपनी के सभी दवा निर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (सीडीटीएल), मुंबई द्वारा एडेनोसिन इंजेक्शन आईपी 6 मिलीग्राम/2 मिलीलीटर (कार्डियूरेक्स) के एक बैच को स्प्यूरियस (नकली) घोषित किए जाने के बाद कंपनी में दवा निर्माण, बिक्री और वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार संबंधित इंजेक्शन के बैच का नमूना जांच के लिए केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, मुंबई भेजा गया था। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के माध्यम से प्राप्त रिपोर्ट में इस बैच को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 17-बी के तहत स्प्यूरियस दवा घोषित किया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य औषधि प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी।
लाइसेंसिंग अथॉरिटी के आदेश के तहत कंपनी को फार्म-25 और फार्म-28 के अंतर्गत प्रदान किए गए सभी विनिर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही इन लाइसेंसों के तहत स्वीकृत सभी दवा उत्पादों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं।
हाल ही में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और राज्य औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने कंपनी का रिस्क-बेस्ड निरीक्षण भी किया था। निरीक्षण में सामने आए तथ्यों और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की नियामकीय प्रक्रिया पूरी की गई। संबंधित इंजेक्शन के निर्यात से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है और इस संबंध में अलग से कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर गरिमा शर्मा ने बताया कि केंद्रीय प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में काला अंब स्थित कंपनी द्वारा निर्मित संबंधित बैच स्प्यूरियस पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कंपनी के निर्माण लाइसेंस रद्द किए गए हैं। वहीं राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
एडेनोसिन इंजेक्शन हृदय की असामान्य और तेज धड़कनों को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण दवा है। आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की दवा की गुणवत्ता में कमी या नकली उत्पाद मरीजों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।