19 जून : हिमाचल प्रदेश की राजनीति में कांगड़ा की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का दो दिवसीय धर्मशाला दौरा राजनीतिक और विकासात्मक दोनों दृष्टि से चर्चा का केंद्र बन गया। दाड़ी मैदान में आयोजित नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह ने महज सरकारी कार्यक्रम का स्वरूप नहीं लिया, बल्कि कांग्रेस की एकजुटता और संगठनात्मक ताकत का बड़ा प्रदर्शन बन गया।
समारोह में कांगड़ा जिले के कांग्रेस विधायक, निगमों और बोर्डों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए। इस आयोजन के जरिए कांग्रेस ने जिले में अपनी एकजुटता का संदेश देते हुए आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार होने का संकेत दिया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दौरे के दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर एक स्कूल में इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। इसके अलावा धर्मशाला स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एचआरटीसी वर्कशॉप, ई-चार्जिंग स्टेशन और फव्वारा चौक का लोकार्पण किया गया। दूसरे दिन आयुष विभाग के नए अस्पताल भवन का शिलान्यास और स्मार्ट सिटी के तहत बने आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ भी किया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मौजूदा सरकार के कार्यकाल में यह पहला अवसर है जब कांगड़ा के लगभग सभी प्रमुख कांग्रेस नेता एक मंच पर एकजुट दिखाई दिए। इसे जिले में कांग्रेस की मजबूती और संगठनात्मक एकता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
दौरे के दौरान धर्मशाला नगर निगम की राजनीति भी चर्चा में रही। नगर निगम में भाजपा के बहुमत के बावजूद मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन कर राजनीतिक बढ़त लेने का प्रयास किया। भाजपा पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया, लेकिन मुख्यमंत्री का यह दौरा कांगड़ा की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा छोड़ गया।