19 जून : शिमला के ढली-संजौली बाइपास पर गुरुवार शाम अचानक पहाड़ दरकने से अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। यह भू-स्खलन ऐसे समय पर हुआ है जब प्रदेश में मानसून ने अभी औपचारिक दस्तक भी नहीं दी है।
मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों तक हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 24 जून तक मौसम खराब रहने की संभावना है। विभाग के अनुसार 19 जून को शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चंबा और कांगड़ा जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
20 और 21 जून को लाहुल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के अन्य दस जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 जून के आसपास मानसून हिमाचल में प्रवेश कर सकता है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सिरमौर के राजगढ़ में सबसे अधिक 45 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि शिमला जिले के जुब्बड़हट्टी और सराहन में 25-25 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।