15 मई: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले को प्रदेश की “पर्यटन राजधानी” बनाया जा रहा है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए धर्मशाला में 400 से 500 करोड़ रुपए की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला स्मार्ट सिटी परियोजना कांग्रेस सरकार की देन थी, लेकिन पिछली भाजपा सरकार इसे जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकसित नहीं कर पाई। शहर के सुनियोजित विकास के लिए नगर निगम के सभी 17 वार्डों को 1-1 करोड़ रुपए देने की मंजूरी दी गई है। आचार संहिता के कारण औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन फंड जारी कर दिया गया है और जल्द विकास कार्य शुरू होंगे।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस के लिए 76 हजार करोड़ रुपए का कर्ज छोड़कर गई है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक महत्व बढ़ाने के लिए शिमला से सात कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित किए गए हैं। साथ ही धर्मशाला एयरपोर्ट के विस्तार और तीन नए हेलिपोर्ट बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम चुनावों के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि पार्टी धर्मशाला को मॉडल शहर बनाएगी। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित होकर रह गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से यह भी सवाल पूछा कि प्रधानमंत्री द्वारा कांगड़ा के लिए घोषित 1500 करोड़ रुपए में से प्रदेश को अब तक एक रुपया भी क्यों नहीं मिला। साथ ही भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी पर भी तंज कसा।