8 अक्तूबर: आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर जिला शिमला में पटाखों की बिक्री, भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पटाखा विक्रेताओं, अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से पटाखों की बिक्री सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की गई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिले में पटाखों की बिक्री, भंडारण, परिवहन और वितरण विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक नियम, 2008 तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी लाइसेंस और अनुमति की शर्तों के अनुसार ही किया जाएगा। बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की बिक्री या भंडारण की अनुमति नहीं होगी और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पटाखों की बिक्री और भंडारण केवल लाइसेंस प्राप्त परिसरों में ही किया जाए। विक्रेताओं को लाइसेंस में निर्धारित मात्रा और सभी सुरक्षा शर्तों का पालन करना होगा। सड़क किनारे स्टॉल, वाहन, अस्थायी ढांचे या अन्य अनधिकृत स्थानों से पटाखों की बिक्री नहीं की जा सकेगी।
पटाखे केवल लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं या अधिकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही खरीदे जाएंगे। विक्रेताओं को खरीद की रसीद और आपूर्तिकर्ता के लाइसेंस संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे। विदेशी मूल या तस्करी के माध्यम से लाए गए पटाखों का भंडारण और बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।
लाइसेंस में स्वीकृत मात्रा से अधिक पटाखों का भंडारण नहीं किया जा सकेगा। दुकानों में सुरक्षित प्रवेश और आपातकालीन निकास, सुरक्षित विद्युत वायरिंग तथा अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। दुकानों के आसपास ज्वलनशील सामग्री रखने, धूम्रपान या किसी भी प्रकार की खुली आग के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
विक्रेताओं को पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्रों के साथ रेत और पानी की व्यवस्था भी रखनी होगी। पटाखे मूल और स्वीकृत पैकिंग में ही रखे और बेचे जाएंगे। क्षतिग्रस्त या खराब पैकेटों को सामान्य तरीके से नहीं संभाला जाएगा।
इसके अलावा केवल अधिकृत और निर्धारित मानकों के अनुरूप पटाखों की बिक्री की जा सकेगी। विक्रेताओं को पटाखों के स्टॉक और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा तथा मूल लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज दुकान पर प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे।
अस्थायी दुकानों के लिए सक्षम प्राधिकारी से अलग अनुमति लेना अनिवार्य होगा। पटाखों के सुरक्षित परिवहन के साथ-साथ किसी दुर्घटना, आग, विस्फोट या स्टॉक में गंभीर कमी की स्थिति में तत्काल पुलिस और संबंधित प्राधिकरण को सूचना देनी होगी।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, पटाखा विक्रेता और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।