8 अक्तूबर आशीष दमीर : कांगड़ा सिविल अस्पताल में आंखों के मरीजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत अस्पताल में तैनात इकलौती नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा का तबादला डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नाहन कर दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार की ओर से यह आदेश 7 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
जानकारी के अनुसार कांगड़ा अस्पताल में नेत्र रोग से संबंधित रोजाना करीब 70 से 80 मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें बुजुर्गों में मोतियाबिंद और नजर की कमजोरी के साथ-साथ बच्चों की आंखों से जुड़ी समस्याओं और संक्रमण के मरीज भी शामिल होते हैं। ऐसे में इकलौती विशेषज्ञ के तबादले से अस्पताल की नेत्र ओपीडी प्रभावित होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कांगड़ा सिविल अस्पताल पर कांगड़ा शहर के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी निर्भर हैं। सरकारी अस्पताल में कम खर्च में इलाज की सुविधा मिलने के कारण बड़ी संख्या में गरीब और बुजुर्ग मरीज यहां उपचार करवाते हैं। अब नेत्र रोग विशेषज्ञ के न होने से मरीजों को टांडा मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है।