25 मई: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार ट्रैक्टर चालकों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। शिमला में ट्रैक्टर चालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर बढ़ते चालानों और परमिट से जुड़ी परेशानियों को सामने रखा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारी जुर्मानों की वजह से छोटे स्तर पर काम करने वाले चालकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और कई लोगों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनावों के कारण फिलहाल आचार संहिता लागू है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार ट्रैक्टर चालानों की राशि कम करने की संभावनाओं पर विचार करेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ट्रैक्टर चालकों के लिए परमिट व्यवस्था को सरल बनाने के विकल्प तलाशे जाएंगे, ताकि उन्हें कानूनी रूप से काम करने में दिक्कत न हो।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर खेती-बाड़ी, निर्माण कार्य, सामान ढुलाई और अन्य जरूरी कामों में उपयोग किए जाते हैं। ऐसे में अधिक चालान राशि का सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम स्तर के चालकों पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी इस मामले में व्यावहारिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश देने की बात कही।