8 अक्तूबर, आशीष दमीर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में मरीजों और तीमारदारों के बैठने के लिए कुर्सियां तो लगा दी गई हैं, लेकिन इनके ठीक सामने फर्श में बना मेन चैंबर खुला पड़ा है। मरीज यहां बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, जबकि सामने खुला गहरा चैंबर हादसे को न्योता दे रहा है।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और तीमारदार पहुंचते हैं। ऐसे में खुले पड़े चैंबर से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह गंभीर खतरा बन सकता है। चैंबर के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है।
मरीजों के बैठने की व्यवस्था तो कर दी गई है, लेकिन उनकी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन से मांग है कि खुले पड़े चैंबर को जल्द सुरक्षित करवाया जाए, ताकि किसी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके।
इस संबंध में टांडा अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक बुनियाल ने कहा कि उन्हें खुले चैंबर की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि संभवत: सफाई के लिए इसे खोला गया होगा। उन्होंने कहा कि इसे जल्द ठीक करवाया जाएगा और मरीजों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियों को हटाकर लोगों के आने-जाने के लिए रास्ता बनाया जाएगा।