22 सितंबर: एमएसएमई क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने और उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से संसारपुर में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं जेम-सीपीपीपी पोर्टल पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले के 40 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरयाल रहे। उन्होंने कहा कि सभी एमएसएमई इकाइयों को जेम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल पर पंजीकरण करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बड़ी संख्या में वस्तुओं और सेवाओं की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की जा रही है, जिससे एमएसएमई इकाइयों को एक व्यापक और सुरक्षित बाजार उपलब्ध हो रहा है। जेम के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ समयबद्ध भुगतान की सुविधा भी सुनिश्चित होती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की जागरूकता कार्यशालाएं उद्यमियों को नवीनतम तकनीकों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे उद्यमी बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप खुद को तैयार कर सकते हैं।
कार्यशाला के पहले सत्र में जेम एवं सीपीपीपी पोर्टल से संबंधित जानकारी दी गई। जेम विशेषज्ञ अभिलक्ष लौ ने जेम पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया, बोली लगाने की प्रणाली, आवश्यक अनुपालन, एमएसएमई के लिए उपलब्ध आरक्षित प्रावधानों, भुगतान प्रक्रिया और सरकारी खरीद में उपलब्ध विभिन्न अवसरों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान आरएएमपी टीम के अमित ने कई उद्यमियों का जेम पोर्टल पर मौके पर ही पंजीकरण भी करवाया।
दूसरे सत्र में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जानकारी दी गई। कोविद शर्मा ने उद्योग 4.0, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), ऑटोमेशन, डेटा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया, उत्पादकता बढ़ाने और कम लागत में गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर एमएसएमई इकाइयां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और गुणवत्ता में सुधार करने के साथ-साथ अपने उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकती हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों से तकनीकी नवाचार और डिजिटल समाधानों को अपनाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यशाला के दौरान उद्यमियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद कर जेम एवं सीपीपीपी पोर्टल, डिजिटल खरीद प्रक्रिया और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला का उद्देश्य उद्यमियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें सरकारी खरीद और आधुनिक विनिर्माण के नए अवसरों से जोड़ना रहा।