24 जून, अभिषेक मिश्रा : जुखाला डिग्री कॉलेज में विज्ञान और वाणिज्य संकाय बंद किए जाने के निर्णय के विरोध में क्षेत्र के लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। 15 पंचायतों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहे इस कॉलेज को बचाने के लिए स्थानीय लोगों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर “जुखाला कॉलेज बचाओ मंच” का गठन किया है।
मंगलवार को मंच के आह्वान पर जुखाला कॉलेज चौक के समीप दो घंटे तक चक्का जाम किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा संकायों को तत्काल बहाल करने की मांग उठाई।
मंच के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि बुधवार शाम तक विज्ञान और वाणिज्य संकायों को बहाल करने का निर्णय नहीं लिया गया, तो गुरुवार को तीन घंटे का चक्का जाम किया जाएगा। इसके बाद भी सरकार ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और उग्र करते हुए अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जुखाला कॉलेज 15 पंचायतों के हजारों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे में विज्ञान और वाणिज्य संकाय बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। उनका कहना है कि कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या भी संतोषजनक है और यहां के छात्र लगातार बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंच ने दावा किया कि हर वर्ष विश्वविद्यालय की मेरिट सूची के शीर्ष 10 स्थानों में जुखाला कॉलेज के विद्यार्थियों का नाम शामिल रहता है। इसके अलावा कॉलेज के कई विद्यार्थियों ने नेट और सेट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं भी उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ऐसे में बेहतर परिणाम देने वाले कॉलेज के संकायों को बंद करने का निर्णय समझ से परे है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी सूरत में कॉलेज के विज्ञान और वाणिज्य संकायों को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से जनहित में अपना फैसला तुरंत वापस लेने की मांग की है। मंच का कहना है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो क्षेत्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की होगी।