चिन्मय अमृत महोत्सव में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने भारतीय ज्ञान परंपरा का किया उल्लेख

21 सितम्बर: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सिद्धबाड़ी स्थित चिन्मय तपोवन आश्रम, संदीपनी हिमालय में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव में भाग लिया। कार्यक्रम चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की आध्यात्मिक एवं सामाजिक यात्रा और पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद के जीवन एवं योगदान को समर्पित रहा।

राज्यपाल ने कहा कि चिन्मय मिशन ने भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के साथ उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्वामी चिन्मयानंद के विचारों ने देश-विदेश में लोगों को भारतीय दर्शन, संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन से जोड़ने का कार्य किया।

उन्होंने कहा कि भारत की महान ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सेवा-संस्कृति हमारी पहचान है। भारतीय संस्कृति ने सदैव पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश दिया है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना भारत की इसी महान परंपरा को दर्शाती है।

राज्यपाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने और कर्तव्य का बोध कराने का मार्ग दिखाया। ज्ञान, भक्ति और सेवा भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण आधार हैं। ज्ञान सत्य का बोध कराता है, भक्ति श्रद्धा और विनम्रता का भाव पैदा करती है तथा सेवा व्यक्ति को ‘मैं’ से ‘हम’ की ओर ले जाती है।

उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के दौर में आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और मानवीय मूल्यों को बनाए रखना भी जरूरी है। विकास तभी सार्थक है, जब उसके केंद्र में मानवता और समाज का कल्याण हो।

राज्यपाल ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि उनमें संस्कार, राष्ट्रभक्ति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ आधुनिक ज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर भी प्रदान करने होंगे।

उन्होंने कहा कि भारत की सनातन चेतना, ज्ञान परंपरा और सेवा भावना को आगे बढ़ाकर राष्ट्र को समृद्ध बनाने के साथ विश्व कल्याण में भी योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज भी उपस्थित रहे। इस दौरान तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का संदेश भी पढ़ा गया। स्वामी मित्रानंद ने चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की यात्रा तथा स्वामी चिन्मयानंद के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य परमशेखर स्वामी माधवानंद, स्वामी अनुकूलानंद, पद्मश्री क्षमा मैत्रेय, ट्रस्टी डॉ. राजन गुप्ता, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा सहित चिन्मय मिशन के पदाधिकारी, साधक और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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