चिट्टा कारोबारियों के लिए हिमाचल में कोई जगह नहीं: सीएम सुक्खू

17 सितम्बर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को ऊना में आयोजित एंटी-चिट्टा जन-जागरूकता वॉकथॉन की अगुवाई की। इंदिरा स्टेडियम से शुरू हुई वॉकथॉन न्यू बस अड्डे तक गई और वापस इंदिरा स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें जिलेभर से विद्यार्थियों और आम लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वॉकथॉन से पहले मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को एंटी-चिट्टा शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो लोग बच्चों को चिट्टा बेचकर पैसा कमा रहे हैं और युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं, उन्हें ऊना की धरती से स्पष्ट संदेश है कि हिमाचल में नशे के कारोबारियों के लिए कोई जगह नहीं है।

उन्होंने कहा कि चिट्टा बेचने वालों और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करते हुए उन्हें नशे से बाहर निकालने के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नशा बेचने वाले और नशे में फंसे व्यक्ति को एक नजर से नहीं देखा जा सकता।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने साथियों को नशे के रास्ते पर जाने से रोकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दोस्त अपने साथी के सबसे करीब होता है और उसके व्यवहार में आने वाले बदलाव को सबसे पहले पहचान सकता है। छोटी-सी सतर्कता किसी परिवार को टूटने से बचा सकती है। उन्होंने कहा कि सच्चा दोस्त वही है जो साथी को नशे की ओर ले जाने के बजाय गलत रास्ते पर जाने से रोके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस चिट्टे के नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन केवल पुलिस के सहारे नशे के खिलाफ लड़ाई नहीं जीती जा सकती। पुलिस तस्कर को पकड़ सकती है और सरकार कानून बना सकती है, लेकिन किसी बच्चे को पहली बार नशा करने से परिवार, दोस्त, शिक्षक और समाज ही रोक सकते हैं। इसी सोच के साथ सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाया है।

उन्होंने युवाओं से इस अभियान का सिपाही बनने का आह्वान करते हुए कहा कि जहां चिट्टा बिकता दिखाई दे, वहां चुप न रहें और विश्वसनीय जानकारी टोल-फ्री नंबर 112 पर दें। उन्होंने बताया कि विश्वसनीय सूचनाएं उपलब्ध करवाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने पुरस्कार की व्यवस्था भी की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल को चिट्टे के सामने झुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब नौ महीने पहले एंटी-चिट्टा अभियान शुरू किया गया था। 15 नवंबर 2025 को शिमला, 1 दिसंबर को धर्मशाला, 16 दिसंबर को हमीरपुर और 26 दिसंबर को बिलासपुर में लोगों ने अभियान में भाग लेकर नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि आज ऊना में भी लोग उसी संकल्प के साथ एकत्रित हुए हैं और यह अभियान प्रदेशभर में लगातार आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने 35 से 40 डिग्री तापमान के बावजूद वॉकथॉन में शामिल होने पहुंचे विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने आयोजन के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राकेश कालिया, सुदर्शन बबलू, विवेक शर्मा और अधिकारियों का आभार जताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को ऊना जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की। उन्होंने 3.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहुमंजिला खंड विकास कार्यालय भवन ऊना का लोकार्पण किया तथा संतोषगढ़ सड़क पर 9.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रामपुर पुल का शिलान्यास भी किया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक सुदर्शन बबलू, राकेश कालिया, विवेक शर्मा, कांग्रेस नेता सतपाल रायजादा, हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन कुलदीप कुमार, एंटी चिट्टा बोर्ड के समन्वयक नरेश ठाकुर, एडवोकेट जनरल अनूप रतन, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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