23 जून , तरसेम जरयाल : इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) धर्मशाला चैप्टर द्वारा पर्यटन विभाग और राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय हेरिटेज एवं पर्यटन गाइड क्षमता निर्माण कार्यशाला के चौथे दिन स्थानीय पर्यटन विशेषज्ञ एवं ग्रामीण पर्यटन प्रवर्तक तरसेम जरयाल ने प्रतिभागियों को जिम्मेदार पर्यटन और स्थानीय विकास के महत्व से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, विरासत और समुदाय को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम भी है। प्रतिभागियों से उन्होंने आह्वान किया कि कार्यशाला में अर्जित ज्ञान को केवल प्रमाण पत्र तक सीमित न रखें, बल्कि उसे स्वरोजगार और क्षेत्रीय विकास से जोड़कर व्यवहार में लाएं।
तरसेम जरयाल ने अपने “Passion to Profession” के सफर को साझा करते हुए बताया कि पर्यटन के प्रति रुचि को पेशे में बदलकर उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को नई पहचान दिलाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बोह घाटी, जो कभी एक साधारण ग्रामीण क्षेत्र के रूप में जानी जाती थी, आज पर्यटन गतिविधियों के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और समुदाय को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि एक सफल पर्यटन गाइड केवल जानकारी देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह अपने क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं का प्रतिनिधि भी होता है। उन्होंने युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों, उद्यमिता और आवश्यक पेशेवर कौशलों के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक एवं कमांडेंट डॉ. सुरेश शर्मा ने पर्यटन में सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर अपने विचार रखे। सेवानिवृत्त सुपरिटेंडिंग इंजीनियर तेज सिंह ने जलविद्युत परियोजनाओं और उनके पर्यटन पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा की, जबकि पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक डॉ. बी.एस. कौल ने भारतीय संस्कृति और विरासत में पशुधन की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता INTACH धर्मशाला चैप्टर के कन्वीनर डॉ. नरेंद्र अवस्थी ने की। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, जिम्मेदार पर्यटन, व्यावसायिक नैतिकता और पर्यटन मार्गदर्शन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आयोजकों ने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला प्रदेश में हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रशिक्षित पर्यटन गाइडों की नई पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।