1 मई : शिमला। हिमाचल प्रदेश को हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से बड़ी वित्तीय सहायता मिली है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को कुल 261 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
इसमें 258.07 करोड़ रुपये की टेंटेटिव ग्रांट और 3.16 करोड़ रुपये की टोकन मदर सैंक्शन शामिल है। यह राशि केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य में पेयजल योजनाओं को मजबूत करना और हर घर तक स्वच्छ पानी की पहुंच सुनिश्चित करना है।
जारी पत्र के अनुसार, यह राशि फिलहाल अस्थायी है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अंतिम रूप दिया जाएगा। इसमें एसवीएस और अन्य गैर-पीडब्ल्यूएस योजनाओं के लिए 31.56 करोड़ रुपये, 75 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली मल्टी विलेज स्कीम के लिए 146.91 करोड़ रुपये, सपोर्ट एक्टिविटीज के लिए 56.86 करोड़ रुपये और वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए 22.74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही 3.16 करोड़ रुपये की टोकन मदर सैंक्शन भी जारी की गई है, जिसे पीएफएमएस के माध्यम से खर्च प्रक्रिया शुरू करने के लिए दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने राशि जारी करने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का आभार जताया।