3 मई, कविता शांति गौतम: विश्व संवाद केंद्र शिमला की ओर से देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर सोलन के होटल पैरागॉन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पत्रकारिता से जुड़े विशेषज्ञों, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारियों और मीडिया विद्यार्थियों ने भाग लिया।
संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने देवर्षि नारद को भारतीय पत्रकारिता का आदर्श स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि नारद मुनि केवल एक ऋषि ही नहीं, बल्कि लोककल्याणकारी संवाद के प्रथम वाहक थे, जिन्होंने निर्भीक, निष्पक्ष और धर्म-संगत संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाया।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अवनीश कुमार ने कहा कि नारद मुनि सनातन मूल्यों के संवाहक और संवाद परंपरा के जन्मदाता थे। उनका संवाद समाज को जोड़ने और नीति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री गुरदीप ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा और शताब्दी वर्ष में समाज परिवर्तन के लिए प्रस्तावित ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार सुशील कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।