किन्नर कैलाश यात्रा पर बढ़ा विवाद, देव समाज ने प्रशासन के सामने 10 जुलाई की समय-सीमा रखी

8 जुलाई: हिमाचल प्रदेश में किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। स्थानीय देवी-देवताओं की परंपराओं और आदेशों की अनदेखी कर यात्रा जारी रहने पर देव समाज टुकपा खूनांग ने कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को 16 गांवों के देवी-देवताओं के कारदारों और प्रतिनिधियों ने उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपकर यात्रा को तत्काल पूर्ण रूप से बंद करने की मांग की।

प्रतिनिधियों ने बताया कि इस मुद्दे पर 6 जून, 27 जून और 30 जून को भी प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और न ही लिखित जवाब मिला। देव समाज ने प्रशासन से 10 जुलाई तक पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में देने की मांग की है।

देव समाज ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इसे किन्नौर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और आस्था की अनदेखी माना जाएगा। ऐसी स्थिति में देव समाज आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

प्रतिनिधिमंडल में रूपेश नेगी, राधा मृष्ण, कल्पना नेगी, पंकज, भुवनेश्वर नेगी, जय कुमार सहित करीब 20 कारदार और प्रतिनिधि शामिल रहे। देव समाज का दावा है कि छितकुल, रक्छम, सांगला, कामरू, बारंग, पोवारी, तांगलिंग, रिब्बा, स्कीबा, रिस्पा, ठंगी, कूनो, चारंग, शोंग, कटगांव समेत कई गांवों के देवी-देवताओं ने इस मांग का समर्थन किया है।

वहीं, कुल्लू जिले के निरमंड में श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा बहाल करने की मांग भी तेज हो गई है। श्रीखंड क्षेत्रीय संगठन चायल जुआगी के बैनर तले सैकड़ों टेंट कारोबारियों ने रैली निकालकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने यात्रा पर लगी रोक और बीएनएसएस की धारा 163(1) हटाने की मांग करते हुए एसडीएम निरमंड के माध्यम से उपायुक्त कुल्लू को ज्ञापन सौंपा।

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