7 जुलाई: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को प्रदेश सचिवालय से वर्चुअल माध्यम से धर्मशाला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के नए कार्यालय का शुभारंभ किया। यह कार्यालय हाल ही में शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को इस नई सुविधा के लिए बधाई देते हुए कहा कि आयोग का कार्यालय धर्मशाला में खुलने से अब लोगों को अपने कार्यों के लिए शिमला नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा आयोग की सेवाएं अधिक सरल और शीघ्रता से उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्त कांगड़ा को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) का कार्यालय भी जल्द स्थापित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया है और इसी उद्देश्य के तहत विभिन्न सरकारी कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से कांगड़ा स्थानांतरित किया जा रहा है। आने वाले समय में भी अन्य सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा जिले में स्थापित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिमला जिले के डोडरा क्वार क्षेत्र को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दर्जा तथा कांगड़ा जिले के बड़ा भंगाल क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष प्रभात चौधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए आयोग का कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कांगड़ा और आसपास के जिलों के ओबीसी समुदाय के लोगों को आयोग की सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, विधायक सुरेश कुमार, विनोद सुल्तानपुरी, सुदर्शन बबलू तथा पूर्व विधायक सतपाल रायजादा शिमला से कार्यक्रम में उपस्थित रहे। वहीं आयोग के सदस्य राकेश चौधरी, अधिवक्ता कश्मीर सिंह भारती, राजीव राणा और उपायुक्त हेमराज बैरवा धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।