30 सितंबर: उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रभावी और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वह मंगलवार को एनआईसी सभागार धर्मशाला में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि नशे के कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार जब्त किया जाए और संबंधित मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई का असर धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए और इसकी नियमित समीक्षा भी की जाए।
हेमराज बैरवा ने बताया कि जिला कांगड़ा में एंटी चिट्टा अभियान प्रभावी ढंग से चलाया जा रहा है। एनडीपीएस अधिनियम के तहत अब तक 5.46 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है। वहीं, पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 38 मामलों में प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजे गए हैं। नशे के कारोबार में संलिप्त 6 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि नूरपुर क्षेत्र में 17 मामलों में अब तक 29.96 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में गठित नशा निवारण क्लबों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ एफएम धर्मशाला और गूंज रेडियो के माध्यम से एंटी चिट्टा अभियान से जुड़े जागरूकता संदेश नियमित रूप से प्रसारित करने को कहा।
नवरात्रों के मद्देनजर संबंधित एसडीएम को बैजनाथ, कांगड़ा, ज्वालाजी और चामुंडा मंदिरों में नशे के खिलाफ चेतावनी एवं जागरूकता संदेश प्रसारित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अधिक भीड़ वाले स्थानों पर एंटी चिट्टा संदेश और स्लोगन वाले पोस्टर लगाने को भी कहा गया।
बैठक में एसीपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा, एसपी नूरपुर इल्मा अफरोज, एसडीएम धर्मशाला मोहित रतन, आरएम एचआरटीसी साहिल कपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी चिकित्सा डॉ. अनुराधा, एसोसिएट प्रोफेसर टांडा मेडिकल कॉलेज डॉ. पंकज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।