31 मई : हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब योजना का लाभ लेने के इच्छुक प्रत्येक आवेदक को ड्राइविंग टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा।
परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) सभी आवेदकों का ड्राइविंग टेस्ट लेंगे। टेस्ट में सफल होने वाले आवेदकों के आवेदन ही आगे की प्रक्रिया के लिए श्रम विभाग को भेजे जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि ई-टैक्सी के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति स्वयं वाहन चलाने में सक्षम है।
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को ई-टैक्सी, ई-बस और अन्य इलेक्ट्रिक व्यावसायिक वाहनों की खरीद पर एक्स-शोरूम कीमत का 50 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, हरित परिवहन को बढ़ावा देना और प्रदूषण को कम करना है।
योजना के तहत खरीदी गई ई-टैक्सियों को विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में संचालित करने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे लाभार्थियों को नियमित आय का अवसर मिल सके।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में 680 करोड़ रुपये के बजट के साथ इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की थी। अब ड्राइविंग टेस्ट की नई शर्त लागू होने से चयन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनने की उम्मीद है।