29 मई: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मॉस्को में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोरम में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद को लेकर दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जा सकते। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार देशों को तय करना होगा कि वे आतंकवाद को समर्थन देने वालों के साथ खड़े हैं या उसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ना चाहते हैं।
आधिकारिक बयान के अनुसार, अजीत डोभाल ने रूस में आयोजित सुरक्षा मामलों के लिए उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक का आयोजन सर्गेई शोइगु ने किया था। फोरम में बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के दौर में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के सामने उभरती चुनौतियों और खतरों पर चर्चा हुई।
अपने संबोधन में डोभाल ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुट और स्पष्ट रणनीति जरूरी है।
डोभाल ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ते खतरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से व्यापार और ऊर्जा परिवहन की सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की मांग करते हुए कहा कि विकासशील देशों यानी ग्लोबल साउथ को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक मजबूत और प्रभावी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।