12 अगस्त: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में बुधवार को शिमला में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और किन्नौर जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ लिमिटेड (किनफेड) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत आईटीबीपी के जवानों के लिए स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण पहाड़ी भेड़ एवं बकरी के मांस की खरीद और आपूर्ति की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से स्थानीय पशुपालकों को एक भरोसेमंद संस्थागत बाजार उपलब्ध होगा। प्रारंभिक चरण में सहकारी क्षेत्र के माध्यम से आईटीबीपी की कुल मांस आवश्यकता का करीब 10 प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य है। इससे सहकारी क्षेत्र को प्रतिवर्ष लगभग 90 लाख रुपये का आर्थिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
भविष्य में यदि आईटीबीपी की पूरी मांस आवश्यकता सहकारी क्षेत्र के माध्यम से पूरी होती है, तो इसका वार्षिक आर्थिक मूल्य करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आय और आजीविका के अवसर भी मजबूत होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सीमावर्ती गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय समुदायों और आईटीबीपी के बीच संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, आईटीबीपी उत्तरी सीमांत के महानिरीक्षक मनु महाराज, डीआईजी (आईटीबीपी), शिमला रवि तथा किनफेड के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।