12 अगस्त: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने की।
बैठक में एससी-एसटी वर्ग से संबंधित मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला न्यायालयों में लंबित मामलों के साथ-साथ पुलिस विभाग में दर्ज एवं लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। समिति ने कुल 89 मामलों की समीक्षा की।
अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की जांच में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक मामले का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करें।
उन्होंने अधिकारियों से अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही, पीड़ितों को नियमानुसार समय पर सहायता और न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.पी. जसवाल, सचिव जिला रेडक्रॉस ओम प्रकाश शर्मा, जिला अटॉर्नी एन.एस. चौहान, डीआईईटी से वीना सिंह सहित गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।