26 सितंबर: बाल विकास परियोजना देहरा के सौजन्य से आंगनवाड़ी केंद्र अपर धवाला में नवां राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के तहत परियोजना स्तरीय पोषण जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस वर्ष पोषण माह की थीम “मेरी आंगनवाड़ी, मेरी जिम्मेदारी” रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा राजेन्द्र कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि पोषण केवल पर्याप्त भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि संतुलित एवं विविधतापूर्ण आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बच्चों की वृद्धि एवं विकास, एनीमिया की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण माह का आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से विभिन्न पोषण एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं, वृद्धि निगरानी, पोषण परामर्श, पूरक पोषाहार तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल की जानकारी दी।
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्षा राणा ने संतुलित आहार और आहार विविधता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी देते हुए दैनिक भोजन में विभिन्न खाद्य समूहों को उचित मात्रा में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने का आह्वान किया।
कृषि विकास अधिकारी देहरा डॉ. राम कुमार शर्मा ने पोषण वाटिका के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घरों और आंगनवाड़ी केंद्रों के आसपास उपलब्ध स्थान का उपयोग कर पौष्टिक सब्जियों एवं खाद्य फसलों का उत्पादन किया जा सकता है। इससे ताजे एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध होने के साथ आहार में विविधता भी सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय भाषा में जागरूकता गीत प्रस्तुत किया। गीत के माध्यम से गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म और उसके बाद की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। कार्यक्रम में एक नवविवाहित गर्भवती महिला की पारंपरिक गोद भराई की रस्म भी आयोजित की गई।
वृत्त पर्यवेक्षक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने पोषण माह के तहत आयोजित की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। इनमें बच्चों की वृद्धि निगरानी, पोषण जागरूकता, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की काउंसलिंग, स्थानीय पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन, पोषण वाटिका, स्वच्छता एवं हाथ धोने संबंधी गतिविधियां तथा बच्चों के लिए खेल-आधारित गतिविधियां शामिल हैं।
शिविर में लगभग 100 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा राजेन्द्र कुमार, आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्षा राणा, कृषि विकास अधिकारी डॉ. राम कुमार शर्मा, वृत्त पर्यवेक्षक बबीता सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।