13 जून : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नोटिस मिलने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। शनिवार को इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
सीआईडी अधिकारी शुक्रवार को साइबर शिकायत के एक मामले में नोटिस देने के लिए अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंचे थे। उन्हें 16 जून को सीआईडी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है, जबकि प्राथमिक शिक्षक भर्ती मामले में कथित अनियमितताओं से जुड़ी जांच के सिलसिले में ईडी ने भी उन्हें 15 जून को तलब किया है।
तृणमूल कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि पुलिस तड़के अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंची और करीब 90 मिनट तक तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने दावा किया कि तलाशी के दौरान जांच एजेंसियों को कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली और जब्ती रिपोर्ट में भी कुछ दर्ज नहीं किया गया।
सागरिका घोष ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने, डराने-धमकाने और मानसिक प्रताड़ना देने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सामने नहीं झुकने वाले नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।