अध्ययन अवकाश पर सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन, सरकार ने बदले नियम

11 जून : राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन देने की व्यवस्था लागू कर दी है। अब सेवा के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके लिए सरकार ने ‘सीसीएस (अवकाश) नियम, 1972’ के नियम 56 में संशोधन किया है।

अब तक अध्ययन अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को अवकाश से पहले प्राप्त वेतन का केवल 40 प्रतिशत भुगतान किया जाता था, जबकि महंगाई भत्ता और आवास भत्ता अलग से दिया जाता था। संशोधित नियमों के लागू होने के बाद कर्मचारियों को अध्ययन अवधि के दौरान पूरा वेतन मिलेगा।

यह फैसला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुराने नियमों के तहत अध्ययन अवकाश पर गए कर्मचारियों को भी संशोधित प्रावधानों के अनुसार बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा और व्यावसायिक कौशल में वृद्धि से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बेहतर होगी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में दिखाई देगा। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को शपथ-पत्र देना होगा कि अध्ययन अवधि के दौरान वे किसी प्रकार की छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड या अंशकालिक रोजगार से पारिश्रमिक प्राप्त नहीं कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उनके हित में फैसले लिए जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन की सुविधा कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और विशेषज्ञता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में और सुधार आएगा।

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