27 अगस्त: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जाति के आधार पर भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अगले शैक्षणिक सत्र से प्रवेश फॉर्म में जाति का कॉलम समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में जातिगत भेदभाव की भावना को कम करने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति समुदाय के लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यकतानुसार जाति का विवरण दे सकेंगे, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
बैठक के दौरान मंडी और कांगड़ा जिलों के गैर-सरकारी सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सम्मान के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड के गैर-सरकारी एवं सरकारी सदस्य तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।